हमारा भारत हिन्दू बहुल देश है। लेकिन यह हमारे लिए चिंता और पीड़ा का विषय है कि पश्चिम बंगाल के रिशड़ा शहर के झाझी मोड़ स्थित एक प्राचीन मंदिर का निर्माण लगभग 70 वर्षों बाद भी आज तक पूरा नहीं हो सका है।
आखिर ऐसी क्या कमी रह गई कि सत्तर वर्षों में हम इस मंदिर का निर्माण पूरा नहीं कर पाए?
स्थानीय लोगों ने कई बार अपने स्तर पर प्रयास किए। जनप्रतिनिधियों और नेताओं से भी मंदिर निर्माण के लिए अनुरोध किया गया। कई लोग आए, आश्वासन दिए और चले गए, लेकिन मंदिर के निर्माण के लिए वास्तविक सहयोग कितना मिला—यह आज भी एक सवाल है।
मंदिर परिसर के सामने और आसपास पर्याप्त खाली स्थान है। इसी स्थान पर समय-समय पर कई बड़े नेताओं ने अपने भाषणों में मंदिर निर्माण की बात कही, लेकिन मंदिर के निर्माण को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता आज भी बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, पिछले 70 वर्षों में रिशड़ा और आसपास के क्षेत्रों में अनेक नए मंदिरों का निर्माण हुआ। ऐसे में इस प्राचीन मंदिर का अधूरा रह जाना हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है।
🙏 अब समय है कि हम केवल आश्वासनों का इंतजार न करें, बल्कि अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार स्वयं आगे आएं।
मैं सभी सनातनी भाइयों-बहनों और श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि आप अपनी स्वेच्छा और सामर्थ्य के अनुसार मंदिर निर्माण में योगदान दें।
आपका छोटा-सा सहयोग भी इस मंदिर के निर्माण को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
🛕 आइए, मिलकर संकल्प लें—
अधूरे मंदिर का निर्माण पूरा करेंगे।
अपनी आस्था और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएंगे। 🙏
जय माता दी 🚩
हर हर महादेव 🚩
जय श्री राम 🚩



